The Life Manual
TLM Basic — इक्कीस दिनों की यात्रा
हर दिन एक शिक्षा, जीवन में उतारने के लिए एक मूल्य, एक संकल्पित गतिविधि और उसके पीछे का विज्ञान लेकर आता है, और फिर अभ्यास के साथ उसका समापन होता है।
मेजर जनरल आनंद सक्सेना (सेवानिवृत्त) का एक course
इक्कीस दिन
सभी इक्कीस दिन देखने के लिए तैयार हैं। आपकी प्रगति सुनहरे रंग में दिखाई जाती है।
सप्ताह 1नक्शा
- दिन 1: मैं कौन हूँ?यात्री के बारे में जिज्ञासा की शुरुआतयात्रा तब शुरू होती है, जब आप स्पष्ट देखना सीखते हैं।
- दिन 2: मैं कौन हूँ?मिथ्या ‘मैं’ का निदानउस कहानी को देखें, जो आपका मन सुनाता है। उसमें न फँसना सीखें।
- दिन 3: लक्ष्यसुख, शांति और आनंदजानें कि आप सच में क्या खोज रहे हैं—और क्या शायद पहले से आपके भीतर है।
- दिन 4: मार्गपुरुषार्थ — मनुष्य के चार उचित प्रयत्नसंसार में पूरी तरह जिएँ, पर जो मायने रखता है, उसे नज़र से ओझल न होने दें।
- दिन 5: साधन (शरीर और मन)शरीर, इंद्रियों, मन और बुद्धि की देखभालउस साधन की देखभाल करें, जिससे आप जीते, कर्म करते और आगे बढ़ते हैं।
- दिन 6: चार पहिएरोज़मर्रा के जीवन से सचेत जुड़ावजीवन से पूरी तरह जुड़ें, उससे दिशा लेकर जो सचमुच मायने रखता है।
- दिन 7: पहले सप्ताह का एकीकरणयात्रा को एक सूत्र में पिरोनापूरी यात्रा को देखें। स्थिर अभ्यास जारी रखें।
सप्ताह 2साधन (शरीर और मन)
- Day 8: The Instrument (the Body)Preventive maintenance of the body-mindSmall acts of care today shape the health of tomorrow.
- Day 9: The Instrument (the Body)The long timeline of silent diseaseCare for what is precious before loss.
- Day 10: The Instrument (the Body)The body as a maintenance systemSmall, steady acts of care sustain the life you want to live.
- Day 11: The Instrument (the Mind)The Restless Mind and the nature of inner disturbanceUnderstand the restless mind. Discover the steadiness beneath it.
- Day 12: The Instrument (the Mind)Why stress becomes suffering, and the practice of mindfulnessRecognise the second arrow. Reclaim the freedom to respond.
- Day 13: The Instrument (the Mind)Inner cleanliness and resilienceKeep the lesson. Release the burden.
- दिन 14: दूसरे सप्ताह का एकीकरणसप्ताह 3 की दहलीज़ परजो बदला है, उसे पहचानें। उसे भीतर उतरने दें।
सप्ताह 3वाहन और लक्ष्य
- दिन 15: वाहनपहले पहिए के रूप में संबंधसंबंध मन को उजागर करते हैं। अभ्यास ठहराव से शुरू होता है।
- दिन 16: वाहनदूसरे पहिए के रूप में वित्तपैसे का इस्तेमाल समझदारी से करें। उसे हल्के से थामें।
- दिन 17: वाहनतीसरे पहिए के रूप में पेशाउद्देश्य के साथ कार्य करें। पहचान की पकड़ छोड़ें।
- दिन 18: वाहनपेशा: नैतिक पहलूअपने मूल्यों पर टिके रहें। अपने कार्य का असर देखें।
- दिन 19: वाहनमूल्यों का पहिया: भार उठाने वाला पहियाआपके मूल्य हर चुनाव में राह दिखाएँ।
- दिन 20: यात्रा का लक्ष्यजीवन-यात्रा की महान परिणतियात्रा का अंत कुछ पाने में नहीं, पहचानने में होता है।
- दिन 21: एकीकृत जीवनयात्रा को एक सूत्र में पिरोनापूरी तरह जिएँ। भीतर से स्वतंत्र रहें।
जीवन-यात्रा
हर इंसान का जीवन एक यात्रा है, जिसके चार मूल तत्व हैं: लक्ष्य, मार्ग, वाहन, और अपने साधनों के साथ यात्री। लक्ष्य वह है जिसे हम आखिरकार खोज रहे हैं—सिर्फ़ सफलता या धन नहीं, बल्कि स्थायी शांति, परिपूर्णता और आंतरिक स्वतंत्रता। मार्ग यह है कि उस लक्ष्य की खोज में हम हर दिन कैसे जीते हैं। चार पहियों वाला वाहन वह जीवन है जिसमें हम यात्रा करते हैं—हमारे संबंध, हमारे मूल्य, हमारा कार्य और वित्त।

हर दिन कैसे चलता है
हर दिन, सुबह के आरंभ से शाम के अभ्यास तक, इसी क्रम में एक जैसे छह हिस्सों से होकर गुज़रता है।
- आरंभ और जीवन-यात्रायात्रा में यह दिन कहाँ है, और मन में रखने के लिए सवाल।
- शिक्षादिन की मुख्य शिक्षा, कई भागों में।
- दिन का मूल्यपूरे दिन साथ रखने के लिए एक मूल्य।
- संकल्पित गतिविधिदिन खत्म होने से पहले, संकल्प के साथ करने के लिए कुछ।
- वैज्ञानिक पक्षदिन के विषय पर research क्या कहती है।
- समापन का अभ्यास और चिंतनMeditation, फिर यात्री के लिए notes।
आपके notes सिर्फ़ इसी browser में, इसी device पर रहते हैं। डायरी उन्हें एक जगह इकट्ठा करती है।
शब्दावली अब तक सिखाए गए शब्दों को एक साथ रखती है, और हर शब्द के साथ उस दिन का link है, जिसमें उसे सिखाया गया है। संदर्भ पुस्तकालय course के ढाँचों, अभ्यासों, मूल्यों और Origins Charts को एक जगह इकट्ठा करता है।
रात में पढ़ रहे हैं? ऊपर की पट्टी में बना चाँद पृष्ठों को गहरे रंग का कर देता है।
